जमशेदपुर के दो माइनोरिटी स्कूल में DEO पैसे लेकर कर रहे नियुक्ति, CM हेमंत सोरेन तक पहुंचा अनियमितता का मामला
लौहनगरी जमशेदपुर के अल्पसंख्यक स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू ने इस मामले में सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। मंगलवार को सौंपे गए ज्ञापन में उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) मनोज कुमार पर पद के दुरुपयोग और नियुक्ति प्रक्रिया में भारी अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं। बारी मुर्मू ने कहा कि नियुक्तियों में पारदर्शिता का अभाव है और नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से बहाली की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस तरह की गतिविधियों से शिक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं और योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो रहा है।
नियमों को ताक पर रखकर बहाली, पैसे के लेन-देन का आरोप
मामला परसुडीह स्थित श्यामा प्रसाद उच्च विद्यालय और कदमा स्थित एडीएल उच्च विद्यालय से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि डीईओ संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापक और प्रबंधन समिति के साथ मिलीभगत कर सरकारी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। ज्ञापन में दावा किया गया है कि शिक्षकों की नियुक्ति में मनमानी की जा रही है और इसके बदले मोटी रकम का लेन-देन हो रहा है। शिकायत में श्यामा प्रसाद उच्च विद्यालय की शिक्षिका रेनू चौधरी का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि पिछले 10 वर्षों से कार्यरत शिक्षिका को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर हटाने की साजिश रची जा रही है, ताकि उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति की अवैध नियुक्ति की जा सके। बारी मुर्मू ने कहा कि यह मामला केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापक स्तर पर अनियमितताओं का संकेत देता है।
पुरानी शिकायतों पर भी नहीं हुई कार्रवाई, उच्च स्तरीय जांच की मांग
जिला परिषद अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब इन स्कूलों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। पूर्व में भी तत्कालीन शिक्षा मंत्री स्वर्गीय रामदास सोरेन को इस संबंध में शिकायत दी गई थी, जिसके बाद जांच के आदेश भी दिए गए थे। हालांकि, आरोप है कि विभागीय स्तर पर मामले में लीपापोती कर दोषियों को बचा लिया गया। बारी मुर्मू ने उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी को भी इस प्रकरण से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की है कि डीईओ के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, अल्पसंख्यक स्कूलों में हुई नियुक्तियों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों व प्रबंधन समिति के सदस्यों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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