Education Jharkhand

Edu Jharkhand Header
Breaking News
Top News
रांची के 27 हाईस्कूलों में टीजीटी शिक्षक संभालेंगे प्राचार्य का पद, मिडिल स्कूल शिक्षकों से हटाया गया प्रभार

रांची के 27 हाईस्कूलों में टीजीटी शिक्षक संभालेंगे प्राचार्य का पद, मिडिल स्कूल शिक्षकों से हटाया गया प्रभार

रांची जिले में लंबे समय से चली आ रही एक असंगत शैक्षणिक व्यवस्था में आखिरकार बदलाव कर दिया गया है। जिले के 27 उत्क्रमित उच्च विद्यालयों में अब तक मिडिल स्कूल के शिक्षक प्रभारी प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इससे न सिर्फ नियमों की अनदेखी हो रही थी, बल्कि हाईस्कूल स्तर की पढ़ाई, परीक्षा संचालन और प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ रहा था।

जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सभी 27 स्कूलों का प्रभार मिडिल स्कूल शिक्षकों से हटाकर प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों (टीजीटी) को सौंपने का आदेश जारी किया है। आदेश जारी होते ही संबंधित स्कूलों में नई जिम्मेदारी संभालने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षक संघ का कहना है कि यह निर्णय नियमसम्मत होने के साथ-साथ छात्रों के हित में भी है।

Read More: रांची डीपीएस देश में 20 टॉप CBSE स्कूलों में 12 वें नंबर पर, झारखंड और रांची में पहला स्थान

अनगड़ा और नामकुम के स्कूलों में तुरंत लागू हुआ फैसला

अनगड़ा प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय बानपुर में शैक्षणिक और प्रशासनिक असंतुलन की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। यहां मिडिल स्कूल शिक्षक प्रभारी थे, जिससे बोर्ड परीक्षा और हाईस्कूल स्तर की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। नए आदेश के तहत कुंदन कुमार (टीजीटी) को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया गया है।

जबकि पूर्व प्रभारी आनंद कुमार साहु को प्रभार मुक्त कर दिया गया। इसी तरह नामकुम प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय राजडेरा में भी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे थे। यहां श्वेता नायक को प्रभारी प्रधानाध्यापक नियुक्त किया गया है। रोशन सिंह मुंडा को जिम्मेदारी से मुक्त किया गया। इन बदलावों से स्कूलों में प्रशासनिक स्पष्टता और अनुशासन की उम्मीद जताई जा रही है।

Read Also: नेतरहाट स्कूल में होगा बड़ा बदलाव, 33% सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित, अगले 5 साल में 300 सीटों में एडमिशन

शिक्षा व्यवस्था सुधार की दिशा में अहम कदम

झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष जसवंत विजय ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग थी। हाईस्कूल स्तर के विद्यालयों की जिम्मेदारी जब उसी स्तर के योग्य शिक्षकों को दी जाएगी, तभी पढ़ाई, परीक्षा प्रबंधन और बोर्ड की तैयारी बेहतर हो सकेगी।

जिला प्रशासन का मानना है कि इस पहल से हाईस्कूलों में शैक्षणिक वातावरण मजबूत होगा और नियमों के अनुरूप कार्य संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। आने वाले समय में इसका सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा और माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार दिखेगा।

—————————————————————————————————————————————————

शिक्षा से जुड़ी हर बड़ी खबर, शिक्षा विभाग, यूनिवर्सिटी, कॉलेज-एडमिशन, परीक्षा और करियर अपडेट अब सीधे आपके मोबाइल पर। हमारे Education Jharkhand के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें और पाएं सबसे तेज और भरोसेमंद जानकारी।

administrator

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *