नेतरहाट स्कूल में होगा बड़ा बदलाव, 33% सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित, अगले 5 साल में 300 सीटों में एडमिशन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने नेतरहाट विद्यालय प्रबंधन एवं संचालन नियमावली 2025 का मसौदा तैयार कर लिया है। प्रस्तावित नियमावली के लागू होते ही स्कूल के संचालन ढांचे में बड़े बदलाव होंगे। विद्यालय का गौरव लौटाने और रिजल्ट में सुधार की कोशिशों के तहत सीएम स्वयं विद्यालय की निगरानी करेंगे। नियमावली के तहत विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन किया गया है।
इसमें मुख्यमंत्री अध्यक्ष होंगे, जबकि वित्त मंत्री उपाध्यक्ष बनेंगे। कैबिनेट सचिव, विकास आयुक्त, वित्त सचिव, गृह सचिव, विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अध्यक्ष सचिव, झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष, जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य तथा दो प्रख्यात शिक्षकों को भी शामिल किया गया है। विद्यालय निदेशक सचिव के रूप में समिति में रहेंगे।
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तीन वर्षों में होंगी सीटें दोगुनी, पांच साल में 300 सीटें
प्रस्तावित नियमावली के अनुसार वर्तमान में कक्षा छठी में 100 सीटों पर नामांकन होता है। अब अगले तीन वर्षों में सीटें बढ़ाकर 200 और पांच वर्ष में 300 करने का लक्ष्य रखा गया है। विद्यालय में वर्तमान में 21 होस्टल हैं, जिनमें 25-25 छात्रों के रहने की व्यवस्था है। बढ़ती सीटों के अनुरूप छात्रावासों की संख्या भी दोगुनी की जाएगी।
इसके लिए नए हॉस्टल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। छात्राओं के लिए भी सुरक्षित एवं आधुनिक छात्रावास भवन को योजना में शामिल किया गया है। प्रवेश संख्या बढ़ने के साथ छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक आवश्यकताओं के लिए आधारभूत संरचना को भी मजबूत बनाया जाएगा।
33% सीटें छात्राओं के लिए होंगी आरक्षित
नियमावली में नामांकन के लिए विविध श्रेणियों का प्रावधान किया गया है। विद्यालय में सामान्य, ओबीसी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए आरक्षण का स्पष्ट प्रावधान रहेगा। खास बात यह है कि विद्यालय में अब 33 प्रतिशत सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। वित्तीय प्रबंधन में भी बदलाव किया गया है। विद्यालय स्तर पर 20 लाख तक के खर्च का अधिकार, निदेशक स्तर पर 21 से 50 लाख तक और 50 लाख से अधिक खर्च पर राज्य स्तरीय समिति की मंजूरी का प्रावधान होगा।
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शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था
विद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता को और मजबूत करने की दिशा में यह नियमावली महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रबंधन समिति आवश्यकतानुसार पाठ्यक्रम, गतिविधियों और अकादमिक कैलेंडर में सुधार करेगी। विद्यालय में पढ़ाई के स्तर को नए मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जाएगा। विशेषज्ञों की मदद से विषय-वार परिणाम सुधार योजना लागू होगी। विद्यालय के पुराने गौरव को लौटाने के उद्देश्य से यह पूरी पहल की जा रही है, ताकि नेतरहाट फिर से देश के श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में अपनी जगह मजबूत कर सके।
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