जेट आवेदन की तिथि तीसरी बार बढ़ी, अब एक दिसंबर तक डालें एप्लिकेशन, 15 नए विषय भी शामिल किए गए
जेपीएससी ने झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) में दो बड़े बदलाव किए हैं। पहला बदलाव यह है कि अब उम्मीदवार एक दिसंबर तक आवेदन कर सकते हैं। वहीं दूसरा बड़ा बदलाव विषय को लेकर है। अब आयोग ने 43 कोर विषयों के साथ अन्य आठ मूलांकित विषयों को जोड़ते हुए कुल 15 नए एलाइंड विषयों को शामिल किया है।
इसके साथ ही यह परीक्षा अब और अधिक अभ्यर्थियों के लिए खुल गई है। आयोग के अनुसार यह परिवर्तन इसलिए किया गया है ताकि अलग-अलग विषयों के छात्र भी अपनी योग्यता के आधार पर परीक्षा में शामिल हो सकें। इसका सीधा लाभ उन अभ्यर्थियों को मिलेगा, जिनके अध्ययन क्षेत्र पहले जेट परीक्षा में शामिल नहीं होते थे।
इन 15 विषयों को आवेदन में शामिल किया
नए विषयों में कंप्यूटर साइंस, फैशन डिजाइनिंग, बायोटेक्नोलॉजी, होम साइंस, साइंस, साइकोलॉजी, आर्कियोलॉजी, डेवलपमेंट स्टडीज, एप्लाइड फिजिक्स, एप्लाइड केमेस्ट्री, एप्लाइड मैथमेटिक्स के साथ जियोफिजिक्स इन अर्थ, एटमॉस्फेरिक, ओसियन एंड प्लानेटरी साइंस, थिएटर आर्ट तथा कंप्यूटर एप्लीकेशन को शामिल किया गया है। आयोग का मानना है कि इन विषयों का समावेश जेट परीक्षा को व्यापक और समकालीन बनाता है।
आयोग ने फॉर्म भरने की पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि 17 नवंबर 2025 को बढ़ाकर अब एक दिसंबर 2025 की रात 11.45 बजे तक कर दिया है। आवेदन शुल्क का भुगतान दो दिसंबर 2025 की रात 11.45 बजे तक किया जा सकेगा। यह बदलाव अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया गया है। आयोग के अनुसार इस बार बड़ी संख्या में विषय जोड़ने के कारण कई अभ्यर्थियों को अपने विकल्पों को समझने और निर्णय लेने में समय चाहिए था, इसलिए तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा, आयोग ने संशोधन की सुविधा भी दी है। विशेष परिस्थितियों में तीन दिसंबर से पांच दिसंबर 2025 शाम पांच बजे तक ऑनलाइन सुधार विंडो खुली रहेगी। जो अभ्यर्थी पहले आवेदन कर चुके हैं और नए शामिल किए गए एलाइंड विषयों के आधार पर अपना विकल्प बदलना चाहते हैं, वे निर्धारित अवधि में संशोधन कर सकेंगे।
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विषयवार एलाइंड कोर विषय निर्धारित
कोर विषय लाइफ साइंस (कोड 703) के तहत एप्लाइड विषयों में बायोटेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस, फैशन डिजाइनिंग, होम साइंस, साइंस तथा साइकोलॉजी को शामिल किया गया है। इतिहास (कोड 06) के तहत एलाइंड विषय के रूप में आर्कियोलॉजी जोड़ा गया है, जबकि सोशल वर्क (कोड 55) में डेवलपमेंट विषय को जोड़ा गया है। इसी प्रकार फिजिकल साइंस (कोड 12) में एप्लाइड फिजिक्स, एप्लाइड केमेस्ट्री और एप्लाइड मैथमेटिक्स शामिल किए गए हैं।
भूगर्भशास्त्र (कोड 702) के तहत जियोफिजिक्स इन अर्थ, एटमॉस्फेरिक, ओसियन एंड प्लानेटरी साइंस जुड़े हैं। परफॉर्मिंग आर्ट डांस/ड्रामा/थिएटर (कोड 65) में थिएटर आर्ट को, तथा कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन (कोड 87) में कंप्यूटर एप्लीकेशन विषय को एलाइंड के रूप में शामिल किया गया है।
जेपीएससी ने नए शामिल किए गए विषयों के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एलाइंड विषय वाले अभ्यर्थी संबंधित कोर विषयों के तहत सीएसआईआर-यूजीसी/यूजीसी-नेट, अन्य राज्यों के विश्वविद्यालयों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों द्वारा चिन्हित विषयों के आधार पर परीक्षा देने के योग्य होंगे। एलाइंड विषय का चयन करने वाले अभ्यर्थी निश्चित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यह बदलाव न केवल परीक्षा को व्यापक बनाता है, बल्कि विषयों के अनुरूप विशेषज्ञता रखने वाले अभ्यर्थियों को समान अवसर भी प्रदान करता है। आयोग का मानना है कि इस संशोधन से जेट परीक्षा का दायरा बढ़ेगा और राज्य में अध्यापन एवं शोध क्षेत्र के लिए अधिक योग्य अभ्यर्थी तैयार होंगे।
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