U-DISE ड्रॉप-बॉक्स की होगी व्यापक जांच: स्कूलों से लेकर प्रखंड स्तर तक जवाबदेही तय, 93% शिशु पंजी सर्वे पूरा
राज्य में विद्यालयों के U-DISE पोर्टल पर दर्ज ड्रॉप-बॉक्स सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। ड्रॉप-बॉक्स में ऐसे विद्यार्थियों के नाम दर्ज हैं जो ड्रॉपआउट, पास आउट, माइग्रेटेड, अन्य माध्यम से अध्ययनरत, कक्षा उन्नत, डुप्लीकेट या गलत मैपिंग जैसी विभिन्न श्रेणियों में आते हैं। विभाग ने पाया कि पूर्व में जारी निर्देशों के बावजूद कई विद्यालयों, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों और ब्लॉक MIS समन्वयकों द्वारा सूची को अद्यतन नहीं किया गया। अब इन सभी स्तरों पर जवाबदेही तय करते हुए गहन सत्यापन अभियान चलाया जाएगा।
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रिएडमिशन सुनिश्चित करने का निर्देश
यदि किसी विद्यालय के ड्रॉप-बॉक्स में किसी छात्र का नाम दर्ज है, तो संबंधित प्रधानाध्यापक या शिक्षक को छात्र के अभिभावकों से संपर्क कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लेनी होगी। ड्रॉपआउट पाए जाने पर बच्चे को पुनः विद्यालय से जोड़ते हुए U-DISE में Import/Pull की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यदि छात्र किसी अन्य विद्यालय में नामांकित है, तो दोनों विद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित कर वर्तमान विद्यालय में U-DISE अपडेट कराया जाएगा। लापरवाही की स्थिति में संबंधित विद्यालय को सूची बनाकर प्रखंड कार्यालय को भेजना होगा, जहां से BEEO और ब्लॉक MIS समन्वयक द्वारा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
TC, अन्य माध्यम और माइग्रेशन मामलों में सख्ती
ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC), अन्य शिक्षा माध्यम तथा माइग्रेशन से जुड़े मामलों में भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यदि छात्र ने विद्यालय बदला है और U-DISE अद्यतन नहीं हुआ है, तो पूर्व विद्यालय के प्रधानाध्यापक को पहल कर वर्तमान नामांकन की पुष्टि करनी होगी। माइग्रेटेड छात्रों के मामले में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे वापस लौटे हैं या अब भी स्थानांतरित क्षेत्र में अध्ययनरत हैं। डुप्लीकेट एंट्री और गलत मैपिंग के मामलों में भी समयबद्ध सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
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शिशु पंजी सर्वे में 93.35% कार्य पूर्ण, गिरिडीह अव्वल
विद्यालय से बाहर और ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान के लिए DAHAR 2.0 पोर्टल के माध्यम से चल रहे शिशु पंजी सर्वे में अब तक 93.35 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। राज्य के 35,173 विद्यालयों से जुड़े 55.23 लाख परिवारों को टैग किया गया, जिनमें से 43.34 लाख परिवारों का सर्वे पूर्ण हुआ है। गिरिडीह जिले ने 100 प्रतिशत सर्वे पूरा कर पहला स्थान प्राप्त किया है। पाकुड़, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां ने भी 97 प्रतिशत से अधिक प्रगति दर्ज की है। शेष जिलों को शीघ्र सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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