झारखंड के नर्सिंग कॉलेजों में बदलेगा एडमिशन नियम, अब एडमिशन के लिए न्यूनतम 40 परसेंटाइल नहीं 25 परसेंटाइल होगा जरूरी
झारखंड में नर्सिंग शिक्षा से जुड़े प्रवेश नियमों में बड़ा बदलाव होने की तैयारी है। राज्य सरकार नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए लागू न्यूनतम 40 परसेंटाइल की अनिवार्यता को घटाकर 25 परसेंटाइल करने का प्रस्ताव लेकर आई है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने झारखंड राज्य अंतर्गत नर्सिंग संस्थानों के प्रबंधन, नामांकन एवं परीक्षा संचालन (द्वितीय संशोधन) नियमावली 2026 का मसौदा तैयार कर लिया है। हालांकि इस प्रस्ताव को लागू करने से पहले राज्य कैबिनेट की मंजूरी आवश्यक होगी। कैबिनेट से सहमति मिलने के बाद ही झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (जेसीईसीईबी) द्वारा आयोजित नर्सिंग प्रवेश परीक्षा के लिए नई पात्रता लागू की जाएगी।
न्यूनतम अंक घटने से अधिक छात्रों को मिलेगा मौका
अब तक व्यवस्था यह थी कि नर्सिंग प्रवेश परीक्षा में कम से कम 40 परसेंटाइल अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी ही नामांकन प्रक्रिया में शामिल हो सकते थे। इससे कम अंक पाने वाले उम्मीदवार प्रवेश से बाहर हो जाते थे। प्रस्तावित बदलाव लागू होने के बाद 25 परसेंटाइल अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी भी प्रवेश के लिए पात्र माने जाएंगे। राज्य में पिछले कुछ वर्षों में नर्सिंग शिक्षा का तेजी से विस्तार हुआ है और बड़ी संख्या में सरकारी व निजी नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का कहना है कि सरकार का उद्देश्य राज्य के अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को नर्सिंग शिक्षा से जोड़ना है, ताकि उन्हें रोजगार के अवसर मिलें और राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत हों।
राज्य में नर्सिंग सीटें 2500 से 3000 के बीच
उपलब्ध शैक्षणिक आंकड़ों के अनुसार झारखंड में नर्सिंग कोर्स की कुल सीटें लगभग 2500 से 3000 के बीच हैं। इनमें एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग और पोस्ट बेसिक नर्सिंग जैसे कोर्स शामिल हैं। अनुमानित सीट वितरण के अनुसार एएनएम कोर्स में लगभग 1500 से अधिक सीटें, जीएनएम में करीब 300 सीटें और बीएससी नर्सिंग में लगभग 600 से 800 सीटें उपलब्ध हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी नर्सिंग शिक्षा के लिए सीमित सीटें हैं। रिम्स, रांची में 50 सीट, पीएमसीएच धनबाद में 40 सीट और एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर में लगभग 30 सीटों पर नामांकन होता है।
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राज्य में 100 से अधिक नर्सिंग कॉलेज, गुणवत्ता को लेकर चिंता
झारखंड में वर्तमान में लगभग 100 से 105 नर्सिंग कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इनमें सरकारी संस्थानों के साथ-साथ निजी और ट्रस्ट संचालित कॉलेज भी शामिल हैं। राज्य में नर्सिंग शिक्षा का नेटवर्क लगातार बढ़ा है, जिससे सीटों की संख्या भी बढ़ी है। ऐसे में न्यूनतम अंक घटाने से जहां अधिक छात्रों को प्रवेश का मौका मिलेगा और कई कॉलेजों में खाली रह जाने वाली सीटें भर सकेंगी, वहीं कुछ विशेषज्ञों ने इस निर्णय को लेकर चिंता भी जताई है। उनका कहना है कि नर्सिंग स्वास्थ्य सेवा की महत्वपूर्ण कड़ी है, इसलिए प्रवेश मानदंड में ढील देने के साथ प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी होगा।
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