झारखंड का बजट : झारखंड में एजुकेशन रिवोल्यूशन! 18 हजार करोड़ से बदलेगी पूरी व्यवस्था
झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा के लिए 16 हजार 251 करोड़ 43 लाख रुपए तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए 2 हजार 564 करोड़ 45 लाख रुपए का प्रावधान किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्कूली शिक्षा के उत्तरोत्तर विकास, नामांकन, ठहराव और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए ठोस रणनीति के साथ योजनाएं लागू की जा रही हैं। राज्य में वर्तमान में 34,847 प्रारंभिक, 1,711 माध्यमिक और 1,157 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जिनमें लगभग 70 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विभाग के अंतर्गत 203 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 57 झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय और 26 नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय संचालित हैं।

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उत्कृष्ट व लीडर स्कूलों का विस्तार, डिजिटल शिक्षा पर जोर
राज्य सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 से 80 उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन शुरू किया था, जिसका अब विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ 325 प्रखंड स्तरीय लीडर स्कूल शुरू किए गए हैं, जिनमें से 222 विद्यालयों का आधारभूत संरचना कार्य पूरा हो चुका है। इन आदर्श विद्यालयों के लिए 182 करोड़ 60 लाख रुपए रखे गए हैं। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 803 विद्यालयों में 1,197 लैब स्थापित किए गए हैं, जहां 11 ट्रेड में पढ़ाई हो रही है और 1.58 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। अन्य 888 लैब स्थापना की प्रक्रिया में हैं। आईसीटी कार्यक्रम के तहत 2,495 माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों और 2,610 मध्य विद्यालयों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ा गया है।
10 प्वाइंट्स में जानिए एजुकेशन में क्या-क्या है महत्वपूर्ण
- प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा के लिए 16 हजार करोड़ से अधिक और उच्च व तकनीकी शिक्षा के लिए 2,500 करोड़ से अधिक का विशेष बजटीय प्रावधान कर शिक्षा क्षेत्र को शीर्ष प्राथमिकता देना।
- 80 उत्कृष्ट विद्यालयों का विस्तार और 325 प्रखंड स्तरीय लीडर स्कूलों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्कूल मॉडल विकसित करना।
- आदर्श विद्यालयों की आधारभूत संरचना मजबूत करने के लिए अलग से 182 करोड़ से अधिक राशि खर्च करना।
- 803 स्कूलों में स्थापित 1,197 व्यावसायिक लैब के जरिए 11 ट्रेड में कौशल आधारित पढ़ाई को बढ़ावा देना तथा नई 888 लैब स्थापित करना।
- हजारों माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक और मध्य विद्यालयों को ICT कार्यक्रम से जोड़कर डिजिटल शिक्षा का दायरा बढ़ाना।
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप राज्य आधारित नया पाठ्यक्रम लागू करना और कक्षा 1-2 के लिए नई पुस्तकें शुरू करना।
- सभी शिक्षकों को प्रतिवर्ष 50 घंटे का अनिवार्य प्रशिक्षण देकर शिक्षण गुणवत्ता में सुधार लाना।
- नेतरहाट मॉडल पर नए आवासीय विद्यालयों का निर्माण कर ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना।
- पॉलिटेक्निक संस्थानों को उन्नत कर झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित करना, ताकि तकनीकी शिक्षा का स्तर राष्ट्रीय संस्थानों जैसा हो।
- नए विश्वविद्यालय और महाविद्यालय खोलकर जॉब ओरिएंटेड व STEM पाठ्यक्रम शुरू करना तथा आदिवासी व विशेष समुदायों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा में विशेष प्रवेश योजना लागू करना।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पहल
राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन को लेकर विशेष पहल की गई है। राज्य केंद्रित पाठ्यक्रम विकसित कर कक्षा 1 और 2 की नई पुस्तकें तैयार कर ली गई हैं, जिन्हें सत्र 2026-27 से वितरित किया जाएगा। प्रत्येक शिक्षक को प्रतिवर्ष 50 घंटे का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। JCERT द्वारा रणनीति बनाकर फरवरी 2025 से प्रशिक्षण शुरू किया गया है और अब तक लगभग 40 हजार शिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा किया जा चुका है। नेतरहाट विद्यालय की तर्ज पर मसलिया (दुमका), खूंटपानी (चाईबासा) और नवाडीह (बोकारो) में तीन नए विद्यालय भवनों का निर्माण कार्य जारी है। साथ ही सभी जिलों में 500 पाठकों की क्षमता वाले सेंटर ऑफ आर्ट डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरी की स्वीकृति दी गई है।
IIT और NIT की तर्ज पर बनेगा झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सभी 17 राजकीय और 6 नवनिर्मित पॉलिटेक्निक संस्थानों को J-PRAGATI योजना के तहत IIT और NIT की तर्ज पर झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। UTTHAN योजना के तहत आदिम जनजाति और टाना भगत समुदाय के 60 छात्रों को प्रतिवर्ष झारखंड रक्षा विश्वविद्यालय, रांची में तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश की सुविधा दी जाएगी। चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की गई है। इसके अलावा सुदूरवर्ती क्षेत्रों में पहले चरण में 7 जिलों में 12 नए महाविद्यालय खोलकर जॉब ओरिएंटेड कोर्स संचालित किए जाएंगे। राज्य में STEM शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी।
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