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जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में पैसे लेकर दिए जा रहे मार्क्स, बायोटेक विभाग के शिक्षक डॉ विश्वराज लाल पर आरोप, अब होगी जांच

जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में पैसे लेकर दिए जा रहे मार्क्स, बायोटेक विभाग के शिक्षक डॉ विश्वराज लाल पर आरोप, अब होगी जांच

राज्य की एकमात्र वीमेंस यूनिवर्सिटी में पैसे लेकर पास-फेल करने का गेम चल रहा है। ऐसा आरोप यूनिवर्सिटी के बायोटेक्नोलॉजी विभाग की छात्राओं ने लगाया है। छात्राओं की ओर से लगाए गए आरोप में साफ तौर कहा गया है कि बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट में छात्राओं से परीक्षा पास कराने के नाम पर सीधा पैसा लिया जाता है। आरोप है कि विभाग के शिक्षक और अधिकारी पैसे लेकर बेहतर अंक देते थे। इतना ही नहीं पैसे लेकर वे परीक्षा से पहले चुनिंदा सवालों के नोट्स भी देते थे।

ऐसी शिकायत मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए चार सदस्यीय जांच कमेटी भी बना दी है। इस जांच कमेटी में विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ किश्वर आरा, प्रॉक्टर डॉ सुधीर कुमार साहू, डॉ अमृता कुमारी और डॉ अन्न्पूर्णा झा को शामिल किया गया है। इन्हें जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

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पूर्व रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक तक जाता है पैसा

इस मामले में छात्राओं की ओर से मिली जानकारी के अनुसार पैसे लेकर नंबर देने का खेल करने वाले विभाग के शिक्षक डॉ विश्वराज लाल हैं। ये अनुबंध पर काम करने वाले शिक्षक हैं। छात्राओं का आरोप है कि शिक्षक डॉ विश्वराज लाल ही नंबर देने के बदलते पैसे लेते थे। जिसका कुछ हिस्सा पूर्व रजिस्ट्रार डॉ राजेंद्र जायसवाल और एग्जामिनेशन कंट्रोलर डॉ रमा सुब्रह्मण्यम तक पहुंचाते थे।

दरअसल जब जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज हुआ करता था डॉ विश्वराज लाल तब से वहां कार्यरत हैं। ऐसा दावा किया जाता है कि उन्होंने अपने नाम से कई रिसर्च पेपर प्रकाशित होने की बात कही है। वहीं पूर्व रजिस्ट्रार डॉ राजेंद्र जायसवाल साल 2008 बैच के शिक्षक हैं। उन्हें विश्वविद्यालय में कई बार छह-छह महीने के लिए रजिस्ट्रार रह चुके हैं। उन्हें लोकभवन (पूर्व में राजभवन) से एक्सटेंशन मिल जाता था।

क्या कहती हैं विश्वविद्यालय की वीसी

विश्वविद्यालय प्रशासन पर लगे इस आरोप को लेकर जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी की प्रभारी वीसी डॉ अंजलि गुप्ता का कहना है कि मामला संज्ञान में लिया गया है। चार सदस्यीस कमेटी बनाई गई है। जल्द ही टीम को जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

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