झारखंड के प्राथमिक शिक्षकों को अब मिलेगा छठे वेतन का लाभ, हाईकोर्ट 8 हफ्ते में भुगतान का दिया आदेश
झारखंड के हजारों प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों का वेतन निर्धारण छठे वेतन आयोग के अनुरूप पे-बैंड-2 (9300–34800) और ग्रेड पे 4200 में किया जाना चाहिए। यह लाभ 1 जनवरी 2006 से प्रभावी माना जाएगा।
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ताओं के पक्ष में वेतन निर्धारण का आदेश जारी करे। इसमें नोट-5, क्लॉज 8(1)(ए), उससे जुड़े प्रोविजन्स तथा फिटमेंट टेबल नंबर एस-12 को आधार बनाया जाए। कोर्ट ने कहा कि 28 फरवरी 2009 की अधिसूचना प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों को 6500-10500 के पे-स्केल में अपग्रेड करती है।
फिटमेंट टेबल-एस12 इसी को पे-बैंड-2 में बदलता है। इसलिए वेतन निर्धारण में कोई अस्पष्टता नहीं है और वर्ष 2014 व 2018 की अधिसूचनाएं इस मूल प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करतीं।
वेतनमान रोकने के आदेश पर लगाया रोक
अदालत ने इस मामले में लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई का पटाक्षेप कर दिया। सुधीर कुमार सिंह और अन्य याचिकाकर्ताओं ने सरकार द्वारा उत्क्रमित वेतनमान रोकने संबंधी आदेश को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि 2009 की अधिसूचना में उनका प्री-रिवाइज्ड पे-स्केल 4500-7000 से बढ़ाकर 6500-10500 किया गया था। इसके आधार पर उन्हें स्वाभाविक रूप से ग्रेड पे 4200 मिलना चाहिए था, पर सरकार ने इसे लागू नहीं किया।
हाईकोर्ट ने पाया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा वेतन निर्धारण नहीं करना न्यायसंगत नहीं है। अदालत ने कहा कि आदेश की प्रति मिलने के 12 सप्ताह के भीतर अपग्रेडेड वेतन निर्धारण कर दिया जाए। साथ ही शेड्यूल-1 के क्रम संख्या 13, शेड्यूल-3 के क्रम संख्या 309 और 300 में की गई इंट्री और प्रावधानों पर भी विचार करने को कहा गया है।
8 सप्ताह में वित्तीय लाभ देने का निर्देश
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सचिवालय में पदस्थापित असिस्टेंट व पर्सनल असिस्टेंट के पे-स्केल अपग्रेडेशन को 1 अक्टूबर 2019 के आदेश से 28 फरवरी 2009 के अनुरूप संशोधित किया गया था। इसलिए प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों का मामला भी इसी तर्क के आधार पर बनता है।
कोर्ट ने साफ कहा कि वेतन निर्धारण का आदेश जारी होने के बाद सभी वित्तीय लाभ 8 सप्ताह के भीतर भुगतान किए जाएं। इस फैसले से राज्य के प्रशिक्षित प्राथमिक शिक्षकों को लंबे समय से मिल रही आर्थिक हानि की भरपाई का रास्ता खुल गया है। इसका असर अन्य समान मामलों पर भी पड़ सकता है।
——————————————————————————————————————
शिक्षा से जुड़ी हर बड़ी खबर, शिक्षा विभाग, यूनिवर्सिटी, कॉलेज-एडमिशन, परीक्षा और करियर अपडेट अब सीधे आपके मोबाइल पर। हमारे Education Jharkhand के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें और पाएं सबसे तेज और भरोसेमंद जानकारी।