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XLRI का जेवियर स्कॉलर एंट्रेंस टेस्ट 4 जनवरी को होगा, देश के 12 शहरों में होंगे एग्जामिनेशन सेंटर, डॉक्टोरल रिसर्च के लिए मिलेगा मौका

XLRI का जेवियर स्कॉलर एंट्रेंस टेस्ट 4 जनवरी को होगा, देश के 12 शहरों में होंगे एग्जामिनेशन सेंटर, डॉक्टोरल रिसर्च के लिए मिलेगा मौका

एक्सएलआरआई (जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट) ने अपने प्रतिष्ठित डॉक्टोरल कार्यक्रम एफपीएम (फेलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट) और एक्जीक्यूटिव एफपीएम (एग्जीक्यूटिव फेलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट) में एडमिशन के लिए राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा ‘जेवियर स्कॉलर एंट्रेंस टेस्ट (XSET)’ की घोषणा की है।

यह परीक्षा 4 जनवरी 2026 को देश के 12 शहरों में आयोजित की जाएगी। यह टेस्ट एक्सएलआरआई के डॉक्टोरल स्कॉलर प्रोग्राम में चयन का मुख्य माध्यम होगा। कंप्यूटर आधारित यह परीक्षा देशभर के प्रमुख शहरों में ली जाएगी। इनमें जमशेदपुर, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, पुणे, लखनऊ, भुवनेश्वर, गुवाहाटी और इंदौर हैं।

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FPM और EFPM में नौ प्रमुख क्षेत्रों में रिसर्च की सुविधा

एक्सएलआरआई के एफपीएम और ईएफपीएम कोर्स रिसर्च-आधारित उच्च अध्ययन के लिए बनाए गए हैं। इन कार्यक्रमों में प्रबंधन के नौ प्रमुख क्षेत्रों अर्थशास्त्र, वित्त, सूचना प्रणाली, इनोवेशन, मार्केटिंग, ऑपरेशंस, ऑर्गनाइजेशनल बिहेवियर, स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट और ह्यूमन रिसोर्स में शोध की सुविधा उपलब्ध है।

संस्थान के निदेशक फ्रे. (डॉ.) जॉर्ज सेबेस्टिन ने बताया कि एक्सएलआरआई देश में अपने रिसर्च और प्रबंधन अध्ययन के उच्च मानकों के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि 75 वर्षों से एक्सएलआरआई भारतीय समाज में नैतिक मूल्यों पर आधारित प्रबंधन शिक्षा प्रदान कर रहा है। एफपीएम कोर्स पूर्णकालिक है जबकि ईएफपीएम कामकाजी पेशेवरों के लिए तैयार किया गया है, जिससे वे अपने कार्य के साथ उच्च स्तरीय शोध जारी रख सकें।

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33वां ओएससीएआरआई टाटा व्याख्यान आयोजित

एक्सएलआरआई में हाल ही में 33वें ओएससीएआरआई टाटा व्याख्यान का आयोजन हुआ, जिसमें संस्थान ने ‘एथिक्स इन बिजनेस’ की अपनी परंपरा को दोहराया। इस दौरान संस्थान के डीन ने कहा कि एफपीएम और ईएफपीएम के शोधार्थियों को वित्तीय सहायता, रिसर्च ग्रांट और 50% तक का फेलोशिप प्रदान की जाती है।

ताकि वे अपने शोध पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें। वर्ष 1991 से अब तक इस प्रोग्राम के माध्यम से देश-विदेश में सैकड़ों स्कॉलर अकादमिक और उद्योग जगत में अपनी पहचान बना चुके हैं। संस्थान के अधिकारियों का कहना है कि इस साल भी बड़ी संख्या में आवेदक परीक्षा में हिस्सा लेंगे, जिससे देश को नए रिसर्च लीडर और शिक्षाविद मिलेंगे।

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